
नई दिल्ली में चल रहे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ने विश्व भर के विशेषज्ञों को एक मंच पर ला खड़ा किया है। यहां एआई की संभावनाओं पर गहन चर्चाएं हो रही हैं। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के गेरेंट रीस ने कहा कि समिट का जोश और स्तर लाजवाब है। यूसीएल और टेक महिंद्रा के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं, जो अनुसंधान को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और छात्रों को वास्तविक चुनौतियों पर काम करने का अवसर देगा।
भारत-ब्रिटेन संबंधों के लिए यह स्वर्णिम दौर है। भारत एआई, चिकित्सा, रोबोटिक्स और अंतरिक्ष क्षेत्रों में तेजी से प्रगति कर रहा है। आईआईटी दिल्ली, एम्स और आईआईसी बेंगलुरु जैसे संस्थानों के साथ सहयोग से वैश्विक शोध मजबूत होगा।
स्विट्जरलैंड की डॉ. लीना रोबरा ने ‘एपर्टस’ ओपन-सोर्स मॉडल पेश किया, जो पारदर्शिता पर आधारित है। यह सार्वजनिक हित में नैतिक एआई का उपयोग सुनिश्चित करता है।
फ्रांस की एस्टेल डेविड ने 30 एआई कंपनियों वाले सबसे बड़े पवेलियन का जिक्र किया। 120 फ्रेंच कंपनियां भारत में हैं, जो साझेदारी को मजबूत करेंगी।
फुजीत्सु के जंगो ओकाई ने क्वांटम और सुपरकंप्यूटिंग की ताकत बताई, जो सिमुलेशन में क्रांति लाएगी। भारत को मजबूत डेटा सेंटर चाहिए।
ओरिसर्व के माज अंसारी ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बोलियां समझने वाली तकनीक बताई, जो फोन से सेवाएं सुलभ बनाएगी।
यह समिट एआई के जिम्मेदार विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है।