
कुपवाड़ा जिले की युवतियों के लिए भारतीय सेना ने एक अनोखी पहल की। वज्र डिवीजन के कुपवाड़ा टेरिटॉरियल्स ने फोक सेंटर और बरकत बिस्ट्रो में कार्यरत लड़कियों के लिए प्रेरणादायक यात्रा का आयोजन किया। 17 फरवरी को पठरी गैरिसन से हरी झंडी दिखाकर यह यात्रा कुपवाड़ा से गुलमर्ग के लिए रवाना हुई।
इस यात्रा का मकसद दूरस्थ क्षेत्रों की इन लड़कियों को नई दुनिया दिखाना और गुलमर्ग की मनमोहक वादियों का लुत्फ दिलाना था। सेना का मानना है कि ऐसी गतिविधियां लड़कियों के मनोबल को बढ़ाती हैं और उनके व्यक्तित्व को निखारती हैं।
गुलमर्ग पहुंचकर लड़कियों ने गोंडोला की सैर की, बर्फीली चोटियों और हरी-भरी घास के मैदानों को निहारा। पहली बार ऐसा अनुभव पाकर वे झूम उठीं। अभिभावकों ने भी सेना की इस सराहनीय कोशिश की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
उत्तर कश्मीर की महिलाओं को मजबूत बनाने के प्रति सेना कटिबद्ध है। नौकरियों में सहयोग देकर और प्रतिभा प्रदर्शन का मौका देकर सेना न केवल व्यक्तिगत उन्नति सुनिश्चित कर रही, बल्कि समुदाय का मान भी बढ़ा रही है।
यात्रा में टीमवर्क और नेतृत्व के गुण भी विकसित हुए। सेना अधिकारी बताते हैं कि भविष्य में ऐसी और पहलें होंगी, ताकि कुपवाड़ा की बेटियां अपने सपनों को पंख लगा सकें। यह प्रयास सेना की बहुआयामी भूमिका को रेखांकित करता है।