
रोम से महत्वपूर्ण खबर आ रही है। इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी वॉशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पहली बैठक में पर्यवेक्षक के रूप में शरीक होंगे। स्थानीय मीडिया ने इसकी पुष्टि की है।
तजानी ने स्पष्ट कहा कि इटली को गाजा के पुनर्निर्माण और फिलिस्तीन के भविष्य पर होने वाली चर्चाओं में मौजूद रहना जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘मैं वॉशिंगटन जाकर इटली का प्रतिनिधित्व करूंगा ताकि महत्वपूर्ण फैसलों के समय हमारी आवाज सुनी जा सके।’
यह बोर्ड मूल रूप से हमास-इजरायल युद्ध के बाद क्षेत्रीय पुनर्निर्माण के लिए गठित हुआ था, लेकिन अब इसका दायरा सभी अंतरराष्ट्रीय विवादों तक फैल गया है। इससे संयुक्त राष्ट्र के समकक्ष एक नई संस्था बनने का डर पैदा हो गया है।
पहली बैठक गुरुवार को वॉशिंगटन में प्रस्तावित है। इटली ने पहले संवैधानिक कारणों से भाग लेने से इनकार किया था, लेकिन अब तजानी आगे बढ़ने पर जोर दे रहे हैं।
यूरोपीय संघ आयोग भी पर्यवेक्षक के तौर पर हिस्सा लेगा। आयुक्त सुइका बैठक में मौजूद रहेंगी। प्रवक्ता गिलौम मर्सियर ने कहा कि ईयू सदस्य नहीं बन रहा, बल्कि गाजा में युद्धविराम और पुनर्निर्माण प्रयासों के लिए भाग लेगा।
जनवरी में दावोस में लॉन्च हुए इस बोर्ड पर 19 देशों ने हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन कई सशर्त समर्थन दे रहे हैं। ईयू ने 7 अक्टूबर 2023 के बाद फिलिस्तीनियों को 1.65 अरब यूरो की सहायता दी है, इसलिए वह प्रक्रिया में शामिल रहना चाहता है।
यह कदम वैश्विक शांति प्रयासों में नई गतिशीलता ला सकता है।