
तिरुवनंतपुरम में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। केरल भाजपा ने विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज करते हुए 35 विधानसभा क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों की प्रारंभिक शॉर्टलिस्ट तैयार कर ली है। राज्य चुनाव समिति की बैठक में बनी यह सूची अब केंद्रीय नेतृत्व के पास भेजी जाएगी, जहां प्रत्येक सीट पर तीन नामों पर विचार होगा।
कुछ क्षेत्रों में अभी बदलाव संभव हैं, लेकिन प्रमुख चेहरे जमीनी स्तर पर सक्रिय हैं। राज्य अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर नेमोम से मैदान में उतरने को तैयार हैं, जो पार्टी का मजबूत गढ़ रहा है। केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन कजहक्कुट्टम से लड़ सकते हैं, जबकि पूर्व प्रदेशाध्यक्ष के. सुरेंद्रन को मंजेश्वरम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बैठक में शोभा सुरेंद्रन, एमटी सुरेश, सी. कृष्णकुमार, अभिनेता जी. कृष्णकुमार, आर. श्रीलेखा, करमना जयन जैसे नाम सामने आए हैं। यह मिश्रित सूची पार्टी की व्यापक रणनीति को दर्शाती है।
केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा की एकमात्र सफलता 2016 में ओ. राजगोपाल के नेमोम से जीत थी, जो 2021 में सीपीआई(एम) के पास चली गई। फिर भी, 2021 के 12.41 प्रतिशत वोट 2024 लोकसभा में सुरेश गोपी की त्रिशूर जीत से 19.24 प्रतिशत हो गए।
दिसंबर के स्थानीय चुनावों में तिरुवनंतपुरम निगम पर पहली बार कब्जा हुआ, लेकिन राज्यव्यापी वोट शेयर 14.71 प्रतिशत पर लुढ़क गया। नेतृत्व सतर्क है और अन्य राज्यों के साथ तालमेल बिठा रहा है।
भाजपा की यह रणनीति केरल की सियासत में नया दौर ला सकती है, जहां एलडीएफ-यूडीएफ का वर्चस्व चुनौती में है।