
नई दिल्ली में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकों के बीच भूटान के प्रधानमंत्री दाशो त्शेरिंग से खास चर्चा की। इस मुलाकात में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर गहन मंथन हुआ।
दोनों नेताओं ने ऊर्जा, कनेक्टिविटी, विकास साझेदारी और जन-जन 연결 में हुई प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने समावेशी और जनकेंद्रित एआई उपयोग को सर्वोपरि बताते हुए इन क्षेत्रों में सहयोग को नई गति देने पर सहमति जताई। भारत-भूटान संबंधों की नींव—विश्वास, सद्भाव और पारस्परिक सम्मान—पर आधारित साझेदारी को और सशक्त बनाने का संकल्प दोहराया गया।
भूटान के पीएम ने सोशल मीडिया पर पीएम मोदी को ‘बड़े भाई’ कहकर संबोधित किया और ग्लोबल साउथ के पहले एआई शिखर सम्मेलन के आयोजन पर बधाई दी। उन्होंने भूटान के राजा, सरकार और जनता की ओर से शुभकामनाएं भी प्रेषित कीं।
इसके पहले, पीएम मोदी ने स्पेन के राष्ट्रपति पेद्रो सांचेज से नवीकरणीय ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप्स और रक्षा पर लंबी बातचीत की। दिन भर चली मैराथन कूटनीति में फिनलैंड, सर्बिया, क्रोएशिया, एस्टोनिया और कजाकिस्तान के नेताओं से भी मुलाकातें हुईं, जिनमें ऊर्जा, दुर्लभ खनिज, कनेक्टिविटी और मध्य एशिया सहयोग प्रमुख मुद्दे रहे।
सोमवार से शुरू यह ऐतिहासिक एआई शिखर सम्मेलन समावेशी विकास, मजबूत शासन व्यवस्था और सतत प्रगति के लिए एआई की भूमिका पर केंद्रित है। 100 से अधिक प्रतिनिधियों सहित 20 से ज्यादा राष्ट्राध्यक्षों और 60 मंत्रियों की भागीदारी वाला यह ग्लोबल साउथ का पहला बड़ा आयोजन 20 फरवरी तक चलेगा।