
गुवाहाटी। भारतीय चुनाव आयोग ने बुधवार को महत्वपूर्ण संकेत दिया कि असम विधानसभा चुनाव एक ही चरण में संपन्न हो सकते हैं। यह कदम मतदाताओं की सुगमता और राज्य की स्थानीय स्थितियों को प्राथमिकता देते हुए उठाया जा सकता है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में आयोग की टीम असम में चुनावी तैयारियों की गहन समीक्षा कर रही है। राज्य प्रशासन और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चाओं के बाद टीम ने प्रेस को अपनी प्रारंभिक राय साझा की।
आयोग ने यह भी इंगित किया कि मतदान रोंगाली बिहू त्योहार से पूर्व हो सकता है, जिससे अधिकतम मतदाता भाग ले सकें और चुनाव निर्बाध रहें।
पत्रकारों से रूबरू होते हुए कुमार ने कहा कि आयोग मतदाता हित को सर्वोपरि रखते हुए सभी व्यवस्थाओं का परीक्षण कर रहा है। सुरक्षा, मौसम और प्रशासनिक क्षमता पर विचार कर अंतिम तिथियां तय होंगी।
एक क्रांतिकारी कदम में असम के सभी मतदान केंद्रों पर पूर्ण वेबकास्टिंग होगी, जो पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी। मतदान प्रतिशत हर दो घंटे में सार्वजनिक किया जाएगा, अफवाहों पर अंकुश लगाते हुए।
टीम सुरक्षा इंतजामों, केंद्रीय बलों की व्यवस्था और जिला स्तरीय तैयारियों का मूल्यांकन कर रही है। यह दौरा जमीनी हकीकत समझने और चिंताओं का समाधान करने का प्रयास है।
चुनाव आयोग ने पुनः प्रतिबद्धता जताई कि असम में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और समावेशी चुनाव होंगे, जहां हर मतदाता निर्भय होकर वोट डाल सके।