
भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी और उनकी पत्नी हसीन जहां के बीच कानूनी जंग तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने हसीन की याचिका पर शमी को नोटिस जारी कर दिया है। हसीन ने घरेलू हिंसा और गुजारा भत्ता से जुड़े मुकदमे को कोलकाता से दिल्ली ट्रांसफर करने की गुहार लगाई है।
हसीन ने अर्जी में बताया कि बेटी की बेहतर पढ़ाई के लिए वह दिल्ली आ गई हैं। ऐसे में पश्चिम बंगाल की अदालतों में बार-बार पेशी देना उनके लिए मुश्किल है। दूसरी ओर, शमी पूरे देश में मैच खेलते हैं और उनके पास दिल्ली में केस लड़ने की पूरी सुविधा है। उनका परिवार भी यूपी में रहता है, जो दिल्ली के ज्यादा नजदीक है।
पहले भी हसीन ने सुप्रीम कोर्ट में गुजारा भत्ता 4 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की मांग की थी। कोर्ट ने तब शमी और बंगाल सरकार से जवाब मांगा था।
दंपति ने 2014 में शादी की, 2015 में बेटी हुई। 2018 में हसीन ने शमी पर घरेलू हिंसा, मैच फिक्सिंग और अन्य महिलाओं से रिश्तों के आरोप लगाए। जादवपुर थाने में आईपीसी की कई धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ, साथ ही भरण-पोषण की याचिका भी दायर की।
शमी इस बीच रणजी ट्रॉफी में बंगाल के लिए शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के खिलाफ 9 विकेट ले चुके हैं। यह मामला क्रिकेट जगत में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।