
भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई) ने डिजिटल युग की चुनौतियों का डटकर मुकाबला करने के लिए इन्फॉर्मेशन सिस्टम्स ऑडिट स्टैंडर्ड्स की घोषणा की है। फरवरी 2026 से प्रभावी होने वाले ये 11 मानक और 3 समग्र दस्तावेज दुनिया का सबसे व्यापक ढांचा साबित होंगे। संस्थान का दावा है कि ऐसा व्यापक फ्रेमवर्क तैयार करने वाला वह प्रथम लेखा निकाय है।
पहले छह माह सिफारिशी रहने के बाद ये सीए सदस्यों के लिए अनिवार्य हो जाएंगे। अब तक आईटी ऑडिट में अलग-अलग प्रक्रियाओं का बोलबाला था, लेकिन अब सबकुछ एकसमान ढांचे में होगा। एश्योरेंस, सहमति आधारित प्रक्रियाओं और सलाहकारी सेवाओं को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। इससे डिजिटल ऑडिट को औपचारिक स्वरूप मिलेगा।
संस्थान अध्यक्ष प्रसन्ना कुमार डी ने कहा कि यह डिजिटल ऑडिट का नया अध्याय है। साइबर सुरक्षा और डिजिटल डेटा संरक्षण को अभूतपूर्व स्पष्टता दी गई है। ऑडिट अब केवल खातों तक सीमित नहीं, बल्कि कंपनी के आईटी सिस्टम की मजबूती, डेटा सुरक्षा और साइबर खतरे से बचाव की पड़ताल भी होगी। ईआरपी, क्लाउड और स्वचालित प्रक्रियाओं के जमाने में आईटी नियंत्रण अनिवार्य हैं।
चार मुख्य स्तंभों—शासन, जोखिम, नियंत्रण और अनुपालन—पर आधारित यह फ्रेमवर्क आईटी शासन, जोखिम प्रबंधन, आंतरिक नियंत्रण, साइबर सुरक्षा पर केंद्रित है। वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप ये मानक ऑडिट रिपोर्ट को अधिक प्रासंगिक बनाएंगे। आईसीएआई ने डिजिटल एश्योरेंस में वैश्विक नेतृत्व स्थापित कर दिया है।