
नई दिल्ली। देश की खदानों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने एआई तकनीक के उपयोग की शुरुआत की घोषणा की है। बुधवार को उन्होंने बताया कि उत्पादन वृद्धि, चोरी पर अंकुश, दक्षता एवं सुरक्षा मजबूत करने के उद्देश्य से एआई का परीक्षण आधार पर प्रयोग हो रहा है।
मंत्री जी ने स्पष्ट किया कि एआई से खदानों की उत्पादकता में Izzo कई गुना वृद्धि संभव है। चोरी रोकने के साथ ही कार्यप्रणाली को सुगम और सुरक्षित बनाया जा सकेगा। खान मंत्रालय के अधिकारी शिखर सम्मेलनों में एआई के नवीनतम उपयोगों पर विचार-मंथन कर रहे हैं।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 वैश्विक स्तर पर भारत की मजबूत स्थिति को रेखांकित करता है। सात चक्रों और जन-ग्रह-प्रगति के सिद्धांतों पर आधारित यह मंच आर्थिक विकास से लेकर सामाजिक सशक्तिकरण तक एआई के दायरे को विस्तार देता है।
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कल्याण योजनाओं में एआई की भूमिका पर प्रकाश डाला। पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना से 80 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ मिल रहा है। स्मार्ट वेयरहाउस, पीडीएस और अन्न चक्र एआई से 250 करोड़ रुपये की बचत हुई है, जो निकटतम गोदामों की पहचान में सहायक सिद्ध हुआ।
बिजली क्षेत्र में मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि एआई सटीक सूचना देकर समस्याओं का समाधान करेगा और 24×7 बिजली सुनिश्चित करेगा। ये प्रयास भारत को तकनीकी महाशक्ति बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।