
नई दिल्ली में बुधवार को एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटना घटी जब स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी भारत-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में भाग लेने के लिए पहुंचे। विमानतल पर केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने उनका हार्दिक स्वागत किया, जो दोनों देशों के मजबूत संबंधों का प्रतीक है।
यह वैश्विक समिट शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सुरक्षा, मीडिया, व्यापार और शासन जैसी क्षेत्रों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभावों पर गहन चर्चा का केंद्र बनेगा। राष्ट्रपति पेलेग्रिनी की मौजूदगी से भारत और स्लोवाकिया के बीच नई तकनीक, अनुसंधान एवं नवाचार में सहयोग को बल मिलेगा।
विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर इस स्वागत को रेखांकित करते हुए कहा कि यह दोनों राष्ट्रों के बीच जीवंत कूटनीतिक जुड़ाव दर्शाता है। दुनिया के प्रमुख एआई मंचों में शुमार यह समिट नैतिक एआई, नियामक ढांचे और प्रौद्योगिकी के उद्योग-नागरिक सेवाओं पर प्रभाव पर विस्तृत विमर्श करेगा। स्लोवाकिया की भागीदारी संवादों को और समृद्ध बनाएगी।
पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में 110 से अधिक देशों और 30 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं, जिसमें 20 देशों के शीर्ष नेता और 45 मंत्री हैं। यह एआई शासन और सहयोग पर सबसे बड़े वैश्विक मंचों में से एक है।
समिट का उद्देश्य आधुनिक बदलावों के बीच भारतीय सभ्यता के मूल्यों को मजबूत करना है। इसकी थीम ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ रखी गई है। यह श्रृंखला का चौथा संस्करण है, जो पूर्व में यूके, दक्षिण कोरिया और फ्रांस में आयोजित हो चुका है। यह लीडरों को एआई के नैतिक, आर्थिक व सामाजिक प्रभावों पर विचार करने और डिजिटल, व्यापार, संस्कृति, पर्यटन तथा समुद्री सहयोग को बढ़ावा देने का मंच प्रदान करता है।