
अमेरिकी टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने ग्लोबल साउथ के देशों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को मजबूत करने के लिए इस दशक के अंत तक 50 अरब डॉलर का निवेश करने का ऐलान किया है। कंपनी के वाइस चेयर ब्रैड स्मिथ और चीफ रिस्पॉन्सिबल एआई ऑफिसर नताशा क्रैम्पटन ने ब्लॉग में बताया कि ग्लोबल नॉर्थ में एआई का इस्तेमाल दक्षिणी देशों से लगभग दोगुना है, जो लगातार बढ़ रही इस खाई को चिंताजनक बनाती है।
इस असमानता से न केवल आर्थिक विकास प्रभावित हो रहा है, बल्कि एआई की वैश्विक समृद्धि की क्षमता भी संकट में है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में स्मिथ ने बिजली की पुरानी असमानताओं का हवाला देते हुए कहा कि तत्काल कदम न उठाए गए तो एआई आने वाली सदी में विभेद को गहरा देगा।
भारत में ‘एजुकेटर्स फॉर एलिवेट’ कार्यक्रम शुरू होगा, जो 2 लाख संस्थानों में 20 लाख शिक्षकों को प्रशिक्षित करेगा। राष्ट्रीय शिक्षा प्राधिकरणों के साथ साझेदारी से 80 लाख छात्रों को एआई अवसर मिलेंगे।
पिछले वर्ष 8 अरब डॉलर से अधिक डेटा सेंटरों पर खर्च हुआ, जिसमें भारत, मैक्सिको, अफ्रीका आदि शामिल हैं। भारत का 2.4 करोड़ डेवलपर्स वाला गिटहब समुदाय दुनिया में दूसरे नंबर पर है, जिसकी 36% वार्षिक वृद्धि प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज है।
यह निवेश एआई को समावेशी बनाकर वैश्विक विकास की नई राह प्रशस्त करेगा।