
नई दिल्ली। गूगल डीपमाइंड के सीईओ और सह-संस्थापक डेमिस हसाबिस ने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में कहा कि आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (एजीआई) अगले पांच से आठ वर्षों में तेज रफ्तार पकड़ेगी। उन्होंने एआई को भारतीय युवाओं के लिए अपार संभावनाओं का द्वार बताया।
पैनल चर्चा में हसाबिस ने पिछले दशक की एआई प्रगति को चमत्कारिक करार दिया। दुनिया स्वायत्त प्रणालियों की ओर अग्रसर है और यह समिट वैश्विक सहयोग का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को जोड़ने वाला जरूरी प्लेटफॉर्म माना।
हसाबिस ने एआई के वर्तमान दौर को ‘निर्णायक मोड़’ कहा, जो वैज्ञानिक खोजों के स्वर्णिम काल की शुरुआत कर रहा है। रीइन्फोर्समेंट लर्निंग की सफलता का राज उन्होंने ‘सीखना ही मूल मंत्र है, न कि प्रोग्रामिंग’ में बताया। डेटा से सीधे सीखने की क्षमता आधुनिक एआई को असीम शक्ति प्रदान करती है।
उनके अनुसार, एआई विविध क्षेत्रों में क्रांतिकारी उपलब्धियां हासिल कर मानवता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। भारत के युवा इस क्रांति के नेतृत्वकर्ता बन सकते हैं।
वैश्विक दक्षिण का यह पहला बड़ा एआई शिखर सम्मेलन पांच दिनों तक चलेगा। इसमें 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री, 100 सरकारी प्रतिनिधि और 500 वैश्विक एआई नेता भाग लेंगे। समिट समावेशी विकास, सार्वजनिक व्यवस्था मजबूती और सतत प्रगति पर एआई की भूमिका पर विचार करेगा।
हसाबिस के दृष्टिकोण से भारत एआई क्षेत्र में वैश्विक शक्ति बनने को तैयार है।