
आइजोल। मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने मंगलवार को त्लावंग नदी पर लेंगटेकाई पुल का उद्घाटन किया, जिसे आधिकारिक रूप से ‘फेथ ब्रिज’ नाम दिया गया है। सड़क परिवहन मंत्रालय के 43.83 करोड़ रुपये के सहयोग से निर्मित यह 100 मीटर लंबा और 7.5 मीटर चौड़ा पुल 385 मीट्रिक टन भार सहन कर सकता है। त्रिपुरा और बांग्लादेश से जुड़ाव मजबूत करने वाले इस ढांचे से राज्य के पश्चिमी क्षेत्र में यातायात सुगम और सुरक्षित होगा।
निर्माण के दौरान दिसंबर 2024 में पुल लॉन्चिंग में पुली खराब होने से काम रुका था। अप्रैल 2025 में दोबारा सफल प्रयास के बाद सितंबर तक एप्रोच रोड समेत सभी काम पूरे हो गए। पुराने बेली ब्रिज की जगह लेने वाला यह पुल भार सीमाओं और वाहन उतारने की परेशानियों को हमेशा के लिए खत्म कर देगा।
ममित जिले के 85,000 लोगों और 90 गांवों के लिए महत्वपूर्ण यह मार्ग ‘चीफ मिनिस्टर रबर मिशन’ को गति देगा। लेंगपुई एयरपोर्ट, एनआईटी मिजोरम, त्रिपुरा-बांग्लादेश संपर्क और लंगकैह नदी की रेत परिवहन आसान होगा। मिजोरम की सड़क घनत्व 46.37 किमी/100 वर्ग किमी होने से बुनियादी ढांचा विस्तार प्राथमिकता है। सीएम ने नितिन गडकरी का आभार माना।
साइट लैब से गुणवत्ता जांच, राउरकेला स्टील असेंबली, थाईलैंड के टेंशन रॉड और लोड टेस्टिंग से पुल पूरी तरह सुरक्षित साबित हुआ। असम, त्रिपुरा, मणिपुर, बांग्लादेश-म्यांमार सीमाओं से घिरे मिजोरम में यह पुल क्षेत्रीय विकास का नया अध्याय खोलेगा।