
नई दिल्ली, 17 फरवरी 2025। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक (सीपीआई) 2025 में बांग्लादेश को मात्र 100 में से 24 अंक मिले हैं, जिससे यह 180 देशों में 13वें सबसे निचले पायदान पर ठहर गया। 2024 से एक स्थान और नीचे खिसकते हुए यह 2012-2025 के औसत से दो अंक कम है।
दक्षिण एशिया में अफगानिस्तान के बाद सबसे खराब स्थिति वाले देश के रूप में बांग्लादेश वैश्विक औसत 42 से नीचे के 96 देशों और 50 से कम अंक वाले 122 राष्ट्रों में शुमार है। ढाका के द डेली स्टार ने इसे ‘अत्यंत गंभीर भ्रष्टाचार’ वाली श्रेणी में रखा है।
जुलाई के जन-आंदोलन ने कथित लूटतंत्र को उखाड़ फेंकने की उम्मीदें जगाईं, लेकिन अंतरिम सरकार सुधारों की मजबूत नींव नहीं रख सकी। राजनीतिक व प्रशासनिक स्तर पर भ्रष्टाचार बरकरार है, पारदर्शिता व जवाबदेही के वादे खोखले साबित हुए।
नेपाल, लाओस, वियतनाम जैसे देश संस्थागत बदलाव, डिजिटल सेवाओं और बड़े भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई से आगे बढ़े। सीपीआई चेतावनी देता है कि विश्वव्यापी भ्रष्टाचार बढ़ रहा है, मगर नेतृत्व की इच्छाशक्ति से सुधार संभव है।
बांग्लादेशी अंतरिम सरकार के पास न स्पष्ट योजना, न जोखिम विश्लेषण। एसीसी में सुधार नगण्य, राज्य सुधारों पर प्रतिरोध। ‘अब हमारी बारी’ वाली सोच भ्रष्टाचार की जड़ें मजबूत कर रही है। व्यापक एजेंडा और सख्ती जरूरी है।