
जालंधर में साइबर ठगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जोनल कार्यालय ने 14 फरवरी 2026 को पीएमएलए के तहत 1.76 करोड़ रुपये का बैंक बैलेंस अटैच कर लिया। यह राशि मेसर्स मृत्युंजय मल्टीट्रेड के खाते में थी, जो डिजिटल अरेस्ट और अन्य साइबर अपराधों से प्राप्त काले धन को लाने-ले जाने के लिए इस्तेमाल हो रही थी।
लुधियाना साइबर क्राइम थाने की एफआईआर से शुरू हुई जांच में वर्धमान ग्रुप के चेयरमैन एस.पी. ओसवाल के साथ अगस्त 2023 में हुई 7 करोड़ की ठगी का खुलासा हुआ। ठगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाया। आरोपी रूमी कलिता और अर्पित राठौर ने 200 से अधिक खच्चर खातों के जरिए पैसा ट्रांसफर किया, जिसमें फ्रोजनमैन वेयरहाउसिंग और रिग्लो वेंचर्स जैसे नाम शामिल हैं।
कमजोर वर्ग के लोगों को लोन-नौकरी का लालच देकर खोले गए ये खाते अवैध कमाई को सफेद करने और विदेश भेजने के जरिए बने। ईडी ने 2025 में कई छापों के बाद दोनों को गिरफ्तार किया, जो अब न्यायिक हिरासत में हैं। गिरोह ने अन्य पीड़ितों से भी 1.73 करोड़ उड़ाए। जांच से बड़ा साइबर नेटवर्क उजागर हो रहा है, जिसमें विदेशी कनेक्शन संभव हैं। आगे की कार्रवाई जारी है।