
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) क्षेत्र में दिखाए जा रहे दूरदर्शी दृष्टिकोण ने सर्वम एआई के सह-संस्थापक प्रत्यूष कुमार को प्रभावित कर दिया है। ‘मोदी स्टोरी’ प्लेटफॉर्म पर अपनी मुलाकात के अनुभव साझा करते हुए कुमार ने बताया कि पीएम तकनीक को महज आविष्कार का माध्यम नहीं, बल्कि समाज कल्याण का मजबूत आधार मानते हैं।
बैठक में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत में एआई की चर्चा संभावनाओं पर ही नहीं रुकनी चाहिए, बल्कि इसके व्यावहारिक और माप योग्य परिणाम दिखने चाहिए। कुमार के अनुसार, मोदी जी भारत को एआई का सकारात्मक अपनाने वाला देश बनाना चाहते हैं, जहां यह तकनीक आम आदमी के जीवन को सरल और समृद्ध बनाए।
पीएम ने राष्ट्रीय एआई मिशन को व्यापक स्तर पर विस्तार देने पर बल दिया। उनका मानना है कि भारत को वैश्विक एआई बहसों का केंद्र बनना चाहिए। वे एआई आयोजनों को ‘भारत का आयोजन’ बनाने के पक्षधर हैं, जिसमें देश की विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान तैयार हों।
डिजिटल इंडिया, यूपीआई और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर जैसे सफल मॉडलों का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि जैसे इन प्लेटफॉर्म्स ने लाभार्थियों तक सीधे मदद पहुंचाई, वैसे ही एआई किसानों को फसल सलाह और छात्रों को वैयक्तिकृत शिक्षा प्रदान कर सकता है।
एआई इम्पैक्ट समिट इस सोच का जीवंत उदाहरण है, जो नवाचार को बढ़ावा देता है, पहुंच विस्तृत करता है और एआई को जनहित से जोड़ता है। यह पहल भारत को तकनीकी महाशक्ति बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।