
नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ने बिहार के नेताओं को एआई के माध्यम से राज्य के उज्ज्वल भविष्य की रूपरेखा पेश करने का मौका दिया। केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने स्पष्ट कहा कि बिहार के बच्चे एआई क्षेत्र में अपनी योग्यता के दम पर दुनिया भर में अलग पहचान बनाएंगे।
दुनिया भर से विशेषज्ञों का जमावड़ा प्रधानमंत्री मोदी के भारत को एआई हब बनाने के विजन को रेखांकित करता है। सिंह ने बिहार को अवसरों भरी भूमि बताया, जहां एआई विकास की नई गति प्रदान करेगा।
संजय झा ने कृषि और स्वास्थ्य को एआई के प्रमुख लाभार्थी क्षेत्र करार दिया, जहां तकनीक सेवाओं को और प्रभावी बनाएगी। कई महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर हो रहे हैं, जो बिहार को शीर्ष राज्यों के समकक्ष लाएंगे। मुख्यमंत्री के पारदर्शी प्रशासन के दृष्टिकोण में एआई की भूमिका सराहनीय है।
दिलीप जायसवाल ने कहा कि यह समिट भारत की तकनीकी प्रगति का प्रतीक है। बिहार सेमीकंडक्टर और पंचायती राज में एआई लाएगा। श्रेयसी सिंह ने बिहार की युवा आबादी पर गर्व जताया। आईआईटी रिसर्च पार्क से 10,000 नौकरियां और 50,000 युवाओं का कौशल विकास होगा।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी ने बिहार की प्रतिबद्धता को मजबूत किया। यह समिट बिहार के लिए एआई युग की शुरुआत है।