
नई दिल्ली। पंचायती राज मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव सुशील कुमार लोहानी ने बताया कि सरकार गांव स्तर पर पंचायतों की सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का भरपूर उपयोग कर रही है। इससे ग्रामीण विकास की गति तेज हो रही है।
मंगलवार को आयोजित एक समिट में लोहानी ने ‘सभासार’ नामक एआई ऐप का जिक्र किया। यह ऐप ग्रामसभा की बैठकों के मिनट्स को कुछ ही मिनटों में टेक्स्ट में बदल देता है। पहले यह काम पंचायत सचिवों को तीन-चार घंटे लगाता था, जिससे कार्य प्रभावित होता था।
लोहानी ने कहा कि मंत्रालय एआई को और मजबूत बनाने पर कटिबद्ध है। चैटबॉट जैसे उपकरण विकसित किए जा रहे हैं, जो पंचायत योजनाओं की जानकारी सीधे लोगों तक पहुंचाएंगे। इस समिट में उद्योगपतियों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही।
एक्सेस पार्टनरशिप के अभिनीत कौल ने इसे ग्लोबल साउथ की पहली एआई समिट बताया। यहां एआई के व्यावहारिक समाधानों पर जोर दिया जा रहा है।
बीआईटीएस पिलानी के प्रोफेसर पीबी वेंकटरमन ने शिक्षा, उद्योग और एआई शिक्षा पर फोकस करते हुए अपने स्टॉल का प्रदर्शन किया। उन्होंने इसे उच्च प्रभाव वाली समिट करार दिया।
ग्लोबल साइबर एलायंस के ब्रायन क्यूट ने नैतिक एआई के महत्व पर बल दिया। जिम्मेदार तरीके से एआई अपनाने से विश्व को अपार लाभ होगा।
ये प्रयास पंचायतों को डिजिटल रूप से सशक्त बना रहे हैं, जिससे ग्रामीण भारत मजबूत हो रहा है।