
नई दिल्ली में इंडिया एआई-इम्पैक्ट समिट 2026 की तैयारियां जोरों पर हैं और इसके लिए विदेशी नेता लगातार भारत आ रहे हैं। इस कड़ी में बोलीविया के उपराष्ट्रपति कैप्टन एडमन लारा मंगलवार को राजधानी पहुंचे। उनका केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत किया। यह स्वागत भारत-बोलीविया संबंधों में नई ऊंचाइयों का प्रतीक है।
ऑस्ट्रेलिया से विज्ञान, तकनीक एवं डिजिटल अर्थव्यवस्था के सहायक मंत्री डॉ. एंड्रयू चार्लटन भी इस वैश्विक आयोजन में शिरकत करने भारत आ रहे हैं। वे समिट में एआई के उपयोग को दोनों देशों के हित में मजबूत बनाने पर प्रतिबद्धता जाहिर करेंगे। साथ ही, एआई को तेजी से अपनाने, कार्यबल की भूमिका को प्रमुखता देने, सतत एआई अवसंरचना तथा सुरक्षित एवं समावेशी नवाचारों में निवेश के महत्व पर बल देंगे। ऑस्ट्रेलिया खुद को इस क्षेत्र में पसंदीदा साझेदार के रूप में पेश करेगा।
दुनिया का सबसे बड़ा एआई मंच होने वाला यह समिट देशों के नीति-निर्माताओं, तकनीकी कंपनियों के सीईओ, शैक्षणिक विशेषज्ञों और सिविल सोसाइटी को एकजुट करता है। यह एआई सुरक्षा संस्थानों के वादों पर आधारित है, जो समान विचार वाले भागीदारों के साथ सुरक्षा सहयोग को सशक्त बनाता है। सहायक मंत्री चार्लटन अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और भारत सहित कई देशों के समकक्षों से मुलाकात करेंगे तथा राष्ट्रीय एआई योजना के अनुरूप निवेश पर बड़ी कंपनियों से चर्चा करेंगे।
डॉ. चार्लटन ने कहा, “यह समिट सतत एआई अवसंरचना और सुरक्षित, समावेशी नवाचारों में ऑस्ट्रेलिया की क्षेत्रीय नेतृत्व भूमिका को मजबूत करेगा।” उन्होंने समावेशी एआई विस्तार को ऑस्ट्रेलियाई मूल्यों से जोड़ते हुए कहा कि इसके लाभ सभी तक पहुंचें और सामाजिक स्वीकृति प्राप्त हो। भारत-ऑस्ट्रेलिया स्ट्रेटेजिक रिसर्च फंड की 20वीं वर्षगांठ पर उत्साह व्यक्त करते हुए उन्होंने व्यापार एवं विज्ञान सहयोग को नई दिशा देने की इच्छा जाहिर की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बोलीवियाई उपराष्ट्रपति के आगमन को भारत-बोलीविया मैत्रीपूर्ण संबंधों में डिजिटल साझेदारी की नई शुरुआत बताया। इस समिट से एआई नीतियों में वैश्विक बदलाव की उम्मीदें प्रबल हैं।