
ढाका, 17 फरवरी। बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बीएनपी की शानदार जीत के बाद तारिक रहमान ने अपनी कैबिनेट में दो अल्पसंख्यक समुदायों के प्रमुख नेताओं को शामिल किया है। मंगलवार को नेशनल पार्लियामेंट के साउथ प्लाजा में 25 सांसदों ने मंत्री पद की शपथ ली, जिसमें हिंदू नेता निताई रॉय चौधरी और चकमा समुदाय के दीपेन दीवान का नाम प्रमुख है।
शपथ ग्रहण समारोह में स्पीकर पद खाली होने के कारण चीफ इलेक्शन कमिश्नर काजी हबीबुल अववाल ने शपथ दिलाई। संसद सचिवालय की सेक्रेटरी कनीज मौला ने औपचारिकता पूरी की। इस मौके पर रहमान ने मुहम्मद यूनुस की कांस्टीट्यूशन रिफॉर्म काउंसिल को नजरअंदाज कर बीएनपी की मजबूत स्थिति का संदेश दिया।
मगुरा-2 से निर्वाचित निताई रॉय चौधरी ने 1,47,896 वोटों से जमात-ए-इस्लामी के मुस्तर्शीद बिल्लाह को 30,838 वोटों के अंतर से हराया। 1949 में जन्मे चौधरी वकील, पूर्व मंत्री और बीएनपी के शीर्ष रणनीतिकार हैं। पहले गोयेश्वर चंद्र रॉय के नाम की चर्चा थी, जो खालिदा जिया सरकार में राज्य मंत्री रह चुके हैं।
रंगमती से चकमा नेता दीपेन दीवान ने निर्दलीय उम्मीदवार को पछाड़कर जीत हासिल की। बौद्ध बहुल इस समुदाय से ताल्लुक रखने वाले दीवान की धार्मिक पहचान पर बहस है, लेकिन उनकी नियुक्ति समावेशी राजनीति का प्रतीक है।
कैबिनेट में मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर, अमीर खोशरू महमूद चौधरी जैसे दिग्गज शामिल हैं। यह चयन बीएनपी की व्यापक अपील को दर्शाता है, जो अल्पसंख्यकों के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर सकता है। आने वाले दिनों में संसदीय कार्यवाही रोचक रहेगी।