
अयोध्या में 19 मार्च को एक ऐतिहासिक क्षण आने वाला है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु करीब चार घंटे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में बिताएंगी। इस दौरान वे मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले लगभग 400 श्रमिकों को सम्मानित करेंगी।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। वे दो दिवसीय बैठक के सिलसिले में अयोध्या पहुंचे थे और परिसर के विकास कार्यों की गहन समीक्षा कर रहे थे।
मिश्रा ने बताया कि हुतात्मा स्मारक और अस्थायी रामलला मंदिर को स्थायी रूप प्रदान करने का कार्य तेजी से चल रहा है। अप्रैल अंत तक इनकी पूर्णता सुनिश्चित करने का लक्ष्य है। ऐतिहासिक स्थलों को सुरक्षित रखते हुए इन्हें भक्तों के लिए प्रेरणा स्रोत बनाया जाएगा।
राम कथा संग्रहालय की प्रगति सराहनीय है। यहां 20 गैलरियां तैयार हो रही हैं, जिनमें अत्याधुनिक 3डी हनुमान गैलरी प्रमुख है। भक्त 12 मिनट तक 3डी तकनीक से रामकथा के दृश्यों का आनंद ले सकेंगे। कंटेंट स्क्रिप्ट पर काम चल रहा है और सितंबर से सीमित रूप से खोलने की योजना है।
राष्ट्रपति दौरे के बाद पास सिस्टम से परिसर के विभिन्न भागों में प्रवेश मिलेगा। निर्माण गति और सुविधाओं से भक्तों का अनुभव और समृद्ध होगा। मंदिर निर्माण पूर्ण होने पर ध्वजारोहण उत्सव मनाया गया था, अब शिल्पकारों व श्रमिकों का सम्मान होगा, जिनकी संख्या 400 से अधिक भी हो सकती है।
इससे पूर्व 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ध्वजारोहण में भाग लिया और सप्त मंदिरों में पूजा की, जो महर्षि वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुह व माता शबरी को समर्पित हैं।