
ढाका में मंगलवार को 13वें संसदीय चुनाव में भारी जीत हासिल करने वाले बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नवनिर्वाचित सांसदों ने नेशनल पार्लियामेंट के साउथ प्लाजा में शपथ ग्रहण की। इस दौरान उन्होंने संविधान रिफॉर्म काउंसिल के सदस्य के रूप में शपथ लेने से इनकार कर मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस को करारा झटका दिया।
12वीं संसद के स्पीकर व डिप्टी स्पीकर के पद रिक्त होने के कारण चीफ इलेक्शन कमिश्नर एएमएम नासिर उद्दीन ने संविधान के अनुसार शपथ दिलाई। समारोह का संचालन पार्लियामेंट सचिवालय की सेक्रेटरी कनीज मौला ने किया। बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान ने ढाका-17 से सांसद के रूप में शपथ ली, जिसमें उनकी पत्नी जुबैदा रहमान व बेटी जाइमा उपस्थित रहीं।
2024 में शेख हसीना सरकार गिरने के बाद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार व 30 दलों ने जुलाई 2025 में संवैधानिक व चुनावी सुधारों का खाका पेश किया था। बीएनपी नेता सलाउद्दीन अहमद ने बताया कि तारिक रहमान के निर्देश पर सभी सांसदों ने काउंसिल फॉर्म पर हस्ताक्षर नहीं किए, क्योंकि वे इसके सदस्य नहीं चुने गए।
जमात-ए-इस्लामी व एनसीपी समेत 11 दलों का गठबंधन शपथ बहिष्कार पर विचार कर रहा था, लेकिन जमात सांसदों ने शपथ ले ली। 12 फरवरी को 13वें चुनाव के साथ नेशनल चार्टर पर जनमत संग्रह हुआ, जिसमें 299 क्षेत्रों में वोटिंग हुई। बीएनपी को 209, उसके गठबंधन को 212 सीटें मिलीं। जमात को 68 (गठबंधन 77), एनसीपी 6, निर्दलीय 7, खिलाफत मजलिश 2, इस्लामी आंदोलन 1, बीजेपी 1, गणाधिकार परिषद 1, गणसंहति आंदोलन 1 व खिलाफत मजलिश 1 सीटें हासिल हुईं।
बीएनपी का यह कदम राजनीतिक समीकरणों को नया मोड़ दे रहा है, जहां सुधारों पर बहस तेज होने वाली है।