
बुडापेस्ट। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट संदेश दिया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका अपने सहयोगियों से चीन या किसी अन्य देश से संबंध विच्छेद की मांग नहीं करेगा। हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बान के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में रुबियो ने कहा कि हर देश को अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखना चाहिए।
इस बयान के साथ ही अमेरिका और हंगरी ने हंगरी के नागरिक परमाणु कार्यक्रम में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौते पर दस्तखत किए। रुबियो ने जोर देकर कहा, “हम दुनिया के किसी भी देश से यह नहीं कह रहे कि वह खुद को अलग-थलग कर ले।” उन्होंने अमेरिका-चीन संबंधों का उदाहरण देते हुए बताया कि पूर्ण अलगाव अव्यवहारिक होगा। राष्ट्रपति ट्रंप अप्रैल में चीन यात्रा पर जा रहे हैं।
हंगरी ने हालों में चीनी निवेश बढ़ाया है और रूसी ऊर्जी पर छूट बरकरार रखी है। ऐसे में रुबियो से सवाल उठा कि अमेरिका बुडापेस्ट पर बीजिंग से दूरी क्यों नहीं थोप रहा। जवाब में उन्होंने कहा, “हर देश अपनी भौगोलिक, आर्थिक और ऐतिहासिक वास्तविकताओं से जूझता है।”
आपूर्ति श्रृंखलाओं में किसी एक देश पर अत्यधिक निर्भरता को रुबियो ने कमजोरी करार दिया। ट्रंप-ओर्बान के निजी संबंधों को उन्होंने दोनों देशों के करीबी रिश्तों का आधार बताया। ओर्बान ने रुबियो का स्वागत किया और संबंधों को स्वर्ण युग बताया।
यूक्रेन युद्ध पर चर्चा में रुबियो ने युद्ध समाप्ति की इच्छा जताई। अमेरिका बातचीत कराने की स्थिति में है। ईरान के साथ जिनेवा वार्ता को चुनौतीपूर्ण लेकिन शांतिपूर्ण ठहराया। यह नीति वैश्विक साझेदारियों को नई दिशा देगी।