
जिनेवा में आज अमेरिका और ईरान के बीच न्यूक्लियर वार्ता का दूसरा चरण शुरू हो रहा है। इस महत्वपूर्ण मौके पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एयर फोर्स वन से लौटते हुए संवाददाताओं को बताया कि वे अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हैं। उन्होंने आशा जताई कि ईरान समझदारी दिखाएगा, लेकिन विफलता पर सख्त चेतावनी भी दी।
ट्रंप ने कहा, ‘ईरान कठोर वार्ताकार है, लेकिन वे समझौता चाहते हैं। डील न होने के परिणाम वे नहीं झेलना चाहेंगे।’ हालिया सैन्य कार्रवाइयों का हवाला देते हुए उन्होंने ईरान की तेज न्यूक्लियर क्षमता पर जोर दिया।
घरेलू मोर्चे पर ट्रंप ने कम महंगाई, 2 डॉलर से कम गैसोलीन की तारीफ की। ‘ड्रिल बेबी ड्रिल नीति काम कर रही है,’ उन्होंने कहा, पूर्ववर्ती प्रशासन की गड़बड़ी सुधारने का श्रेय लिया। अपराध दर 1900 के बाद सबसे कम होने का दावा किया, हजारों अपराधियों को देश निकाला।
डीएचएस फंडिंग पर डेमोक्रेट्स से बातचीत की योजना बताई, शटडाउन का दोष डेमोक्रेट्स पर मढ़ा। वोटर आईडी विरोध को चुनावी धांधली का सबूत बताया।
एपस्टीन मामले में सफाई दी, क्यूबा के मानवीय संकट पर रुबियो से डील की अपील की। ताइवान हथियारों पर शी जिनपिंग वार्ता के बाद फैसला। मेलानिया की प्रशंसा की।
वार्ता की सफलता से तनाव कम हो सकता है, अन्यथा ट्रंप के संकेत गंभीर कदम बता रहे हैं।