
लखनऊ में भारी पुलिस बल के बावजूद उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे ने मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का एलान किया। उन्होंने कहा कि पिछले 40 दिनों से पूरे सूबे में चौपालों और धरनों के जरिए मनरेगा में हुए बदलावों के खिलाफ आवाज बुलंद की जा रही है।
पांडे के मुताबिक, इन बदलावों ने ग्रामीण मजदूरों के 100 दिन की गारंटीड मजदूरी के अधिकार को पूरी तरह कुचल दिया है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की कड़ी निंदा की है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मजदूर हितैषी कानून को तोड़-मरोड़कर खत्म करने की साजिश रची जा रही है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विधानसभा मार्च को रोकने के लिए पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग की और नेताओं के आवासों पर पहरा बढ़ा दिया। पांडे ने इसे अंग्रेजी राज जैसी दमनकारी नीति करार देते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास उल्टा पड़ेगा। जनता मजदूरों के हक के लिए खड़ी हो जाएगी और ऐसी सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकेगी। कांग्रेस का यह संघर्ष अंतिम सांस तक चलेगा।