
मुंबई के ग्लैमरस लेकिन कठिन फिल्म जगत में ऋचा चड्ढा ने अपने शुरुआती दिनों का एक दर्दनाक किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति पर उनका पूरा भरोसा था, उसने उनके हितों को ठेंगा दिखाया और धोखा दे दिया। यह घटना उनके लिए एक कड़वा सबक साबित हुई।
ऋचा ने कहा, ‘मैं उस वक्त बहुत सीधी-सादी थी। मुझे समझ आया कि हर कोई आपकी भलाई की सोचता नहीं। कुछ लोग छोटी-सी होड़ से भी घबरा जाते हैं और आपकी प्रगति को रोकने की कोशिश करते हैं।’ इस अनुभव ने उन्हें अपनी पसंद की रक्षा करना और सही लोगों का चयन करना सिखाया।
अब वे स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं को प्रेरित कर रही हैं। आम धारणा है कि बड़े सितारों तक पहुंचना नामुमकिन है, लेकिन ऋचा ने इसे पूरी तरह गलत ठहराया। उन्होंने कहा, ‘हमसे संपर्क करना आसान है। मुझे अच्छी स्क्रिप्ट, सच्ची कहानी और प्रभावशाली लेखन चाहिए। मैं ऐसी परियोजनाओं का हिस्सा बनना चाहती हूं।’
शुरुआती दिनों में उन्हें कम आंकने की बात पर भी उन्होंने चर्चा की। वे चाहती हैं कि इंडी क्रिएटर्स बिना डर के बेहतरीन कहानियों के लिए आगे आएं। वर्तमान में ऋचा एक नई नॉन-फिक्शन सीरीज पर काम कर रही हैं।
यह सीरीज प्रसिद्ध जगहों को नई दृष्टि से पेश करेगी, अनकही कहानियों को सामने लाएगी। भारत की सांस्कृतिक समृद्धि और मानवीय जज्बे को सेलिब्रेट करते हुए यह ट्रैवल, संस्कृति और विविध समुदायों की गाथा दिखाएगी। दर्शकों को समकालीन नजरिए से एक जीवंत अनुभव मिलेगा, जो जिज्ञासा जगाएगा और सहानुभूति पैदा करेगा।
ऋचा चड्ढा की यह कहानी संघर्ष और सीख की मिसाल है। वे युवा कलाकारों को सलाह देती हैं कि सतर्क रहें, लेकिन साहस के साथ आगे बढ़ें।