
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट और एक्सपो 2026 के दूसरे दिन मंगलवार को बिहार पवेलियन का उद्घाटन हुआ। 16 से 20 फरवरी तक चलने वाले इस वैश्विक आयोजन में बिहार अपनी एआई क्षमताओं और तकनीकी महत्वाकांक्षाओं को प्रमुखता से प्रदर्शित कर रहा है।
उद्घाटन समारोह में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मंत्री दिलीप जायसवाल और खेल मंत्री श्रेयसी सिंह उपस्थित रहीं। राज्य सरकार पूर्वी भारत में आईटी व एआई का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इस मंच पर ‘बिहार सेमीकंडक्टर पॉलिसी 2026’ और ‘बिहार जीसीसी पॉलिसी 2026’ को प्रचारित किया जा रहा है, ताकि वैश्विक कंपनियों से निवेश आकर्षित हो सके।
समिट में 13 देशों के प्रतिनिधि शामिल हैं, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी आदि प्रमुख हैं। लोग, ग्रह और प्रगति पर आधारित 300 से अधिक पवेलियन और 600 स्टार्टअप्स अपने एआई समाधान प्रस्तुत कर रहे हैं।
दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विज्ञान को जनकल्याण से जोड़ने पर बल दिया। संस्कृत श्लोक का हवाला देते हुए उन्होंने बुद्धि के गुणों—सुनने की इच्छा, ध्यानपूर्वक श्रवण, ग्रहण, तर्क और निर्णय—का उल्लेख किया।
बिहार का यह कदम राज्य की तकनीकी यात्रा को नई गति देगा, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। यह समिट भारत की एआई अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रतीक है।