
नई दिल्ली: नॉर्वे की आधिकारिक यात्रा पर पहुंची वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वहां के नेताओं को भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में निवेश और विस्तार के अपार अवसरों से अवगत कराया। नॉर्वे के वित्त मंत्री जेन्स स्टोल्टेनबर्ग के साथ बैठक में नवीकरणीय ऊर्जा खासकर सौर ऊर्जा, दुर्लभ मिट्टी प्रसंस्करण तथा कार्बन कैप्चर और भंडारण पर सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, दोनों ने व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) का उपयोग कर नीले और हरे अर्थतंत्र के साथ-साथ सॉवरेन वेल्थ व पेंशन फंड के जरिए निवेश क्षेत्रों में काम करने पर सहमति जताई। स्टोल्टेनबर्ग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वर्षांत यात्रा का स्वागत किया और द्विपक्षीय संबंधों में मजबूती की उम्मीद जताई।
सीतारमण ने ओस्लो की संसद स्टोर्टिंग में वित्त समिति अध्यक्ष तुवा मोफ्लैग, ईएफटीए उपाध्यक्ष ट्राइन लिसे सुंडनेस तथा भारत-नॉर्वे मैत्री समूह प्रमुख हिमांशु गुलाटी से भी विचार-विमर्श किया। समिति सदस्यों ने मोदी की यात्रा पर प्रसन्नता जताई और सहयोग वृद्धि की आशा व्यक्त की।
उन्होंने जीआईएफटी-आईएफएससी का दौरा आमंत्रित किया, जो वैश्विक वित्तीय केंद्र के रूप में बुनियादी सुविधाएं, कर लाभ व उदार नियमन प्रदान करता है। यात्रा में सीईओ-निवेशकों के साथ गोलमेज तथा प्रवासी भारतीयों से भेंट शामिल रही। जर्मनी दौरे के बाद यह प्रयास भारत को वैश्विक निवेश गंतव्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
भारत की आर्थिक प्रगति निवेशकों के लिए सुनहरा मौका प्रस्तुत कर रही है, जो सतत विकास की गारंटी देती है।