
बिहार में सड़क किनारे खुले में मांस बिक्री का दौर समाप्त हो गया है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विधानसभा के बजट सत्र में स्पष्ट घोषणा की कि अब केवल लाइसेंस प्राप्त दुकानों पर ही मांस की खरीद-बिक्री होगी। नियमों का उल्लंगा करने वालों पर कठोर कार्रवाई का वादा किया गया।
विधान परिषद में राजस्व, भूमि सुधार, खनन, नगर विकास जैसे विभागों के बजट पर चर्चा के दौरान सिन्हा ने कहा कि कोई भी सड़क पर मांस नहीं बेचेगा। किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचेगी। दारभंगा में हाल की एक घटना ने इस मुद्दे को उजागर किया, जहां मांस विक्रेताओं के कारण लोग उस सड़क से गुजरना बंद कर चुके थे। वहां जन संवाद के बाद तत्काल निर्देश जारी किए गए, और अमल भी शुरू हो गया।
सिन्हा ने जोर देकर कहा, ‘यह हमारी नई सरकार की नई सोच है। हम भौकाल नहीं चलाते, बल्कि समस्याओं का समाधान करते हैं।’ विभागों को पत्र भेजकर सख्ती बरतने के आदेश दिए गए हैं।
इसके अलावा, शव वाहनों पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा, जो जनता के लिए राहत की खबर है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों की तर्ज पर बिहार में भी दुकानों के आगे काले पर्दे या शीशे लगाना जरूरी होगा, ताकि राहगीरों को मांस न दिखे। यह कदम शहरी स्वच्छता और सामाजिक संतुलन को मजबूत करेगा। बिहार अब अधिक व्यवस्थित और संवेदनशील राज्य के रूप में उभरेगा।