
ढाका में 13वें संसदीय चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की शानदार जीत ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। 209 सीटें हासिल कर सत्ता पर काबिज हुई बीएनपी ने तारिक रहमान को प्रधानमंत्री बनाने का फैसला किया है। अब पार्टी के भीतर अगले राष्ट्रपति के चयन को लेकर गहन विचार-विमर्श शुरू हो गया है।
सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया में कई बड़े नाम सामने आ रहे हैं। प्रमुख बंगाली अखबार प्रोथोम आलो के अनुसार, स्टैंडिंग कमेटी सदस्य खंडाकर मोशर्रफ हुसैन को राष्ट्रपति बनाने के पक्ष में पार्टी में मजबूत समर्थन है।
एक अन्य स्टैंडिंग कमेटी सदस्य नजरुल इस्लाम खान का नाम भी जोर पकड़ रहा है। एखोन टीवी की रिपोर्ट में मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर और अब्दुल मोईन खान को भी संभावित उम्मीदवार बताया गया है।
हालांकि, कई सूत्रों का कहना है कि बीएनपी का झुकाव खंडाकर मोशर्रफ हुसैन की ओर अधिक है। अध्यक्ष तारिक रहमान के नेतृत्व में मिली इस जीत के बाद मंगलवार को नवनिर्वाचित सांसद शपथ लेंगे, उसके बाद कैबिनेट गठन होगा।
पार्टी की बैठकों में कई मंत्रियों की नियुक्ति लगभग तय हो चुकी है। मौजूदा राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन, जो अवामी लीग के नामांकन से 2023 में निर्विरोध चुने गए थे, नई सरकार बनने पर इस्तीफा दे सकते हैं। दिसंबर 2025 के एक साक्षात्कार में उन्होंने इसकी इच्छा जाहिर की थी।
उनका पांच वर्षीय कार्यकाल अप्रैल 2028 तक है, लेकिन नई सरकार के गठन के बाद वे पद छोड़ सकते हैं। संविधान के तहत संसद सदस्यों द्वारा मतदान से राष्ट्रपति चुना जाता है, जिसमें बीएनपी की 209 सीटें औपचारिकता मात्र हैं।
यह विकास बांग्लादेश की राजनीति में बीएनपी के प्रभुत्व को रेखांकित करता है, जो देश के भविष्य को नया आकार देगा।