
पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान चुनाव आयोग ने सात सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) को निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई के बाद बालुरघाट में केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने अधिकारियों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पक्षपातपूर्ण काम करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
मीडिया से बातचीत में मजूमदार ने बताया कि घाटाल, शमशेरगंज और सुतिया सहित सात ब्लॉकों के ये अधिकारी बिना वजह अयोग्य मतदाताओं को सूची में डालने की कोशिश कर रहे थे। अब तकनीक और एआई से गड़बड़ियां पकड़ना सरल हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी, ‘तृणमूल कांग्रेस के इशारे पर काम करोगे तो चुनाव आयोग निलंबित करेगा। नौकरी कोई नहीं बचा सकेगा।’
मजूमदार ने लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए निष्पक्षता और पारदर्शिता पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करने की अपील की।
इससे पहले, विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने इस कदम का स्वागत किया। कोलकाता हवाई अड्डे पर उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब एसआईआर में आयोग ने सीधे शक्ति का प्रयोग किया। अधिकारियों ने फर्जी स्कूल प्रमाणपत्र और पैन कार्ड स्वीकार किए, जो 13 दिशानिर्देशों का उल्लंघन है।
अधिकारी ने ममता बनर्जी सरकार पर आरोप लगाया कि राज्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती के दबाव में यह सब हो रहा है। आगे एफआईआर की संभावना से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी। यह घटना बंगाल की वोटर लिस्ट सफाई में नया मोड़ ला रही है।