
तिरुवनंतपुरम से एक बड़ा राजनीतिक बवाल मच गया है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मणि शंकर अय्यर ने पार्टी नेतृत्व पर सीधी चोट की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर के.सी. वेणुगोपाल को राहुल गांधी का ‘सरदार पटेल’ बताने और पवन खेड़ा को प्रवक्ता चुनने पर कटाक्ष किया। इससे कांग्रेस में अंदरूनी कलह तेज हो गई है।
अय्यर ने लिखा, ‘ऐसी पार्टी के बारे में क्या सोचना जिसने राहुल के लिए वेणुगोपाल को सरदार पटेल चुना? और जिसे प्रवक्ता के लिए खेड़ा के सिवा कोई न मिला?’ ये बयान वेणुगोपाल और खेड़ा पर सीधा हमला हैं। केरल की संवेदनशील सियासत में ये टिप्पणियां पार्टी के लिए मुसीबत बन रही हैं।
मीडिया से बातचीत में अय्यर ने वाम सरकार को ‘राजीवियन’ करार दिया। उन्होंने कहा कि पिनाराई विजयन की सरकार ने राजीव गांधी के विकेंद्रीकरण के सपने को साकार किया। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना ही ऐसे राज्य हैं जहां ये मॉडल सफल हुआ। शासन के हर सूचकांक पर केरल अव्वल है।
इस मौके पर स्थानीय स्वराज मंत्री एम.बी. राजेश और पूर्व वित्त मंत्री थॉमस इसाक उनके साथ थे। अय्यर ने कहा कि कांग्रेसी के नाते वे यूडीएफ की जीत चाहते हैं, लेकिन गांधीवादी के तौर पर विजयन की वापसी मानते हैं। उन्होंने सीएम को बुद्धिमान बताया और वैश्विक संबंधों की तारीफ की।
अपनी निष्ठा जताते हुए अय्यर बोले, ‘मेरी धोती की कगार पर भी कांग्रेस का झंडा लहराता है।’ उन्होंने शशि थरूर को ‘सबसे बड़ा करियरिस्ट’ कहा और मोदी की तारीफ पर सवाल उठाया। दल-बदल की अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि कोई दल उन्हें नहीं चाहेगा। निकाले गए तो नई राह तलाशेंगे।
विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन ने जवाब दिया कि अय्यर को कांग्रेस से मिले लाभ याद रखने चाहिए। अय्यर के बयानों ने कांग्रेस की आंतरिक जंग को फिर उजागर कर दिया है।