
मुंबई। बॉलीवुड निर्देशक रोहित शेट्टी के आवास पर हुई फायरिंग की घटना ने पुलिस को सक्रिय कर दिया है। मुंबई क्राइम ब्रांच ने सोमवार को राजस्थान से शूटर दीपक चंद्रा सहित पांच अन्य को गिरफ्तार किया, जबकि आगरा से विष्णु कुशवाहा को भी पकड़ लिया गया। अब तक मामले में कुल 12 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
सोमवार को कोर्ट में पेश छह आरोपियों को 25 फरवरी तक पुलिस रिमांड मिली है। इनमें जतिन रमेश भारद्वाज (22), सोनू कुमार (20), दीपक रमेश चंद्रा (25), विशाल ठाकुर (19), सनी कुमार राकेश कुमार (23) और ऋतिक विनोद सिंह यादव (24) शामिल हैं। पुलिस को संदेह है कि ये लोग किसी बड़े गिरोह के इशारे पर सक्रिय थे।
पूछताछ में दीपक चंद्रा ने कई राज खोले। उसने बताया कि फायरिंग के बाद वह सोनू कुमार और सनी कुमार के साथ मौके से फरार हो गया। इन तीनों को प्लान की पूरी जानकारी थी, जबकि बाकी तीनों ने केवल सहायता की बिना फायरिंग के बारे में जाने। जतिन भारद्वाज, दीपक का चचेरा भाई है, जिससे उसने यात्रा के लिए 1500 रुपये लिए। फरारी के दौरान वे आगरा की फैक्ट्री में ऋतिक के पास रुके, जो वहां सुपरवाइजर है, फिर नोएडा में विशाल के घर पहुंचे।
आरोपी पक्ष के वकील दिलीप शुक्ला ने कोर्ट में दलील दी कि ऋतिक, विशाल और सोनू का फायरिंग से कोई सीधा संबंध नहीं है। उनके पास कोई ठोस सबूत नहीं हैं। ये दोस्त थे और घटनास्थल के पास मदद की, सोचकर कि वे छुट्टियां मना रहे हैं। कोर्ट ने इन बिंदुओं पर जांच के निर्देश दिए हैं।
यह मामला बॉलीवुड में सनसनी फैला रहा है। पुलिस बड़े नेटवर्क को उजागर करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है।