
बिहार विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को भारी हंगामा मच गया। आरजेडी विधायक कुमार सर्वजीत द्वारा दिवंगत रामविलास पासवान को ‘बेचारा’ कहे जाने पर सत्ताधारी दल के विधायकों ने तीखा विरोध जताया। लोक जनशक्ति पार्टी (आरवी) के सदस्यों ने सदन में घुसकर विधायक को घेर लिया और माफी की जोरदार मांग की। स्पीकर प्रेम कुमार की बार-बार शांति की अपील के बावजूद शोरशराबा थमा नहीं, आखिरकार सदन को दोपहर 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा।
बोधगया से आरजेडी विधायक सर्वजीत ने पिछले हफ्ते अपने भाषण में यह टिप्पणी की थी, जो खुद दलित समुदाय से हैं। सत्ता पक्ष ने इसे पूर्व केंद्रीय मंत्री का अपमान बताया। कार्यवाही शुरू होते ही एनडीए विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी, आरजेडी से बिना माफी के आगे चर्चा न करने की चेतावनी दी।
विपक्ष ने जवाब में पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षण 85 फीसदी करने की मांग के प्लेकार्ड लहराए। आरजेडी नेता सर्वजीत ने मीडिया से कहा कि यह पूरा विवाद एससी-एसटी-ओबीसी अधिकारों पर केंद्र और चिराग पासवान की पार्टी के हमलों से ध्यान भटकाने की चाल है। उन्होंने सफाई दी कि उनका बयान तो यह था कि पासवान जीवित होते तो परिस्थितियां अलग होतीं।
एलजेपी(आरवी) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने बयान को दलित-विरोधी करार दिया। रविवार को भी विरोध मार्च निकाला गया था जिसमें तेजस्वी यादव का पुतला दहन किया गया। यह घटना बिहार राजनीति में जातिगत तनाव को उजागर करती है, जहां विधायी कार्य प्रभावित हो रहा है।