
पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब और गहरा गया है। सीबीआई ने रविवार को जहानाबाद स्थित पैतृक घर पर छापा मारा, जहां पिता और भाई के मोबाइल फोन टूट जाने की बात सामने आई। मौत के ठीक बाद दोनों फोन खराब हो गए और रिपेयर के लिए दुकान पर दे दिए गए। यह संयोग जांच एजेंसी के लिए बड़ा सवाल बन गया है।
18 सदस्यीय टीम ने चार घंटे तक घर की तलाशी ली। छात्रा के कपड़े, किताबें, नोट्स और कैंची जब्त कर ली गई। मां-बाप, भाई व पड़ोसियों से अलग-अलग पूछताछ हुई। छात्रा की दिनचर्या और किसी झगड़े की जानकारी ली गई। आखिरी कॉल रिकॉर्ड से मौत के पहले की स्थिति साफ हो सकती है, लेकिन फोन न होने से मुश्किल हो रही है।
शुक्रवार रात घर में किचन की खिड़की से धमकी भरा पर्चा फेंका गया। उसमें लिखा था- ‘ज्यादा उछलोगे तो सबको मार देंगे।’ परिवार का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने पहले मामले को दबाने की कोशिश की, अब सीबीआई आने पर डराया जा रहा। शकूराबाद थाना इसकी जांच कर रहा।
सीबीआई के पांच बड़े सवाल:
26 जनवरी रात को घबराहट में परिजनों को फोन क्यों?
27 जनवरी को माता-पिता हॉस्टल क्यों पहुंचे?
5 जनवरी को गांव से लौट बाहर क्यों गईं?
5-6 जनवरी को खाना क्यों त्यागा?
मौत के बाद पिता-भाई के फोन एक साथ कैसे टूटे?
यह मामला बिहार विधानसभा के बजट सत्र में जोर पकड़ चुका। विपक्ष ने कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा। पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने लीपापोती का आरोप लगाया। विरोध प्रदर्शनों के बाद केस सीबीआई को सौंपा गया। छात्रा को न्याय मिलना चाहिए।