
ढाका में 17 फरवरी को बांग्लादेश की नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर जबरदस्त उत्साह व्याप्त है। राष्ट्रीय संसदीय भवन के साउथ प्लाजा में शाम 4 बजे होने वाले इस आयोजन में लगभग 1200 विदेशी अतिथियों के पहुंचने की संभावना है। बीएनपी चेयरमैन तारिक रहमान की चुनावी जीत ने नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त कर दिया है।
12 फरवरी को हुए संसदीय चुनावों में बीएनपी ने 297 घोषित सीटों में से 209 पर कब्जा जमाया। जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें मिलीं, जबकि सहयोगियों ने और मजबूती प्रदान की। चटगांव की दो सीटों पर कोर्ट के आदेश से नतीजे रुके हैं, लेकिन कुल मिलाकर बीएनपी का दबदबा साफ है।
समारोह में भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, भारत के लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, पाकिस्तान के अहसान इकबाल, नेपाल के विदेश मंत्री बाला नंद शर्मा, श्रीलंका की स्वास्थ्य मंत्री नलिंदा जयतिस्सा और ब्रिटेन की सीमा मल्होत्रा शामिल होंगे। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइजू के आने की भी चर्चा है।
विदेश मंत्रालय ने बिरला की उपस्थिति की पुष्टि करते हुए कहा कि यह दोनों देशों के बीच गहरी मित्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है। ‘तारिक रहमान के नेतृत्व वाली चुनी हुई सरकार का स्वागत करते हैं, जिसे जनता का भारी समर्थन मिला,’ बयान में कहा गया।
संसद सचिवालय में तैयारियां जोरों पर हैं। परंपरागत रूप से室内 होने वाला यह समारोह इस बार बाहर होगा। यदि तारिक रहमान प्रधानमंत्री बने, तो 35 साल बाद देश को पुरुष पीएम मिलेगा। हालांकि, विशेषज्ञ अशांति और इस्लामी कट्टरता जैसी चुनौतियों की ओर इशारा कर रहे हैं, जो यूनुस सरकार के कार्यकाल को प्रभावित कर चुकी हैं।
क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से यह समारोह महत्वपूर्ण होगा।