
बॉलीवुड के संगीत जगत में डिस्को किंग बप्पी लाहिड़ी का नाम सुनते ही आंखों के सामने सोने के आभूषण और धमाकेदार बीट्स घूमने लगते हैं। उन्होंने डिस्को की लहर चलाकर पूरी इंडस्ट्री को नया रंग दिया। उनकी धुनें पार्टियों की जान बनीं और पीढ़ियों को थिरकने पर मजबूर किया।
27 नवंबर 1952 को जन्मे बप्पी दा का परिवार संगीत से जुड़ा था। तीन साल की उम्र में तबला बजाना शुरू किया, जिसकी लता मंगेशकर ने तारीफ की। 11 साल की उम्र से पियानो पर धुनें रचने लगे। 1986 में 33 फिल्मों और 180 से ज्यादा गानों के साथ गिनीज रिकॉर्ड बनाया। कुल 500 से अधिक फिल्मों में संगीत और 5 हजार गाने दिए।
‘डिस्को डांसर’, ‘नमक हलाल’, ‘शराबी’ जैसी फिल्मों के सुपरहिट गाने ‘तम्मा तम्मा’, ‘जिमी जिमी’, ‘रात बाकी’ आज भी हिट हैं। मिथुन संग जोड़ी ने डिस्को कल्चर को चरम पर पहुंचाया।
बदलते दौर पर बप्पी दा ने कहा, ‘पहले पंचम दा, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के साथ काम का मजा था। गाने टेस्ट मैच की तरह टिकते थे। अब वनडे जैसे जल्दी भूल जाते।’ रीमिक्स पर खुशी जताई लेकिन ओरिजिनैलिटी की कमी पर दुख।
माइकल जैक्सन से 1996 में मुलाकात यादगार। बाल ठाकरे के घर उनकी ज्वेलरी की तारीफ हुई। बप्पी ने कहा, ‘वह परफेक्ट आर्टिस्ट थे, मैं डांस नहीं कर पाता।’
15 फरवरी 2022 को दुनिया छोड़ गए, लेकिन उनका डिस्को जादू बरकरार है।