
ओपेनएआई ने अपने चैटजीपीटी ऐप से जीपीटी-4o मॉडल को पूरी तरह हटा दिया है। सैम ऑल्टमैन के नेतृत्व वाली इस कंपनी के इस कदम से वैश्विक स्तर पर लाखों यूजर्स आहत हो गए हैं, खासकर चीन में जहां इसे भावनात्मक साथी माना जाता था।
वायर्ड की रिपोर्ट बताती है कि कई यूजर्स के लिए यह चैटबॉट महज उपकरण नहीं, बल्कि प्यार और समझ का प्रतीक था। अगस्त 2025 में पहली कोशिश पर ही भारी विरोध हुआ था, जिसके बाद पेड यूजर्स के लिए इसे वापस लाया गया। लेकिन 13 फरवरी को फिर से हटाया गया और डेवलपर्स का एपीआई एक्सेस सोमवार से बंद हो जाएगा।
सिराक्यूज यूनिवर्सिटी की शोधकर्ता ह्यूकियान लाई ने 1500 एक्स पोस्ट्स का अध्ययन किया। 33% से अधिक में इसे खास बताया गया, जबकि 22% ने साथी करार दिया। अगस्त-अक्टूबर में #कीप4o से जुड़े 40,000 पोस्ट्स और चेंज.ओआरजी पर 20,000 हस्ताक्षरों वाली याचिका इसका प्रमाण है।
चीन में वीपीएन के सहारे इस्तेमाल करने वाले प्रशंसक दुखी हैं। वे सब्सक्रिप्शन रद्द करने, सैम ऑल्टमैन की आलोचना करने और माइक्रोसॉफ्ट-सॉफ्टबैंक को ईमेल भेजने जैसी कार्रवाइयां कर रहे हैं।
कंपनी का दावा है कि बेस मल्टीमॉडल अभी एपीआई से उपलब्ध है, मगर फैंस इसे जीपीटी-4o-लेटेस्ट से कमतर मानते हैं। यह घटना एआई के मानवीय जुड़ाव को उजागर करती है। ओपेनएआई को अब समुदाय की भावनाओं का सम्मान करना होगा।