
नई दिल्ली में व्यापार जगत में खुशी की लहर है। भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौता इस साल अप्रैल से अमल में आ सकता है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जुलाई में हस्ताक्षरित इस समझौते को ब्रिटिश संसद की मंजूरी अब बस औपचारिकता भर है।
दोनों सदनों में बहस शुरू हो चुकी है। समझौते से भारत के 99 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क समाप्त हो जाएगा। इससे कपड़ा, समुद्री खाद्य, चमड़ा, जूते, खेल सामान, खिलौने, रत्न-आभूषण जैसे क्षेत्रों को फायदा होगा। इंजीनियरिंग उत्पाद, ऑटो पार्ट्स, इंजन और जैविक रसायन भी बाजार पाएंगे।
भारत ने गैर-शुल्क बाधाओं के समाधान की गारंटी ली है, ताकि वस्तुओं-सेवाओं का प्रवाह बाधित न हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कीर स्टारमर के मई के फोन वार्ता से यह सौदा संभव हुआ।
कामगारों के हितों के लिए दोहरा अंशदान समझौता भी हुआ। आईटी, वित्तीय, पेशेवर सेवाएं, शिक्षा क्षेत्र में उछाल आएगा। यह समझौता दोनों देशों के आर्थिक बंधन को मजबूत करेगा।