
चंडीगढ़। पंजाब की राजनीति में बड़ा उलटफेर हुआ है जब भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और दो बार विधायक रह चुके अरविंद खन्ना ने रविवार को शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) का दामन थाम लिया। उनके साथ जिला अध्यक्ष समेत भाजपा के कई अन्य नेता भी शामिल हो गए, जिससे अकाली दल को नई ताकत मिली है।
एसएडी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने खन्ना का भव्य स्वागत किया और कहा कि आज से वह तूफान शुरू हो गया है जो दिल्ली की पार्टियों को पंजाब से भगाएगा। उन्होंने खन्ना को संगरूर हल्के का प्रभारी बनाने की घोषणा की। बादल ने खन्ना के पिछले 20 वर्षों के सेवा कार्य की सराहना की, खासकर उम्मीद फाउंडेशन के जरिए किए गए सामाजिक प्रयासों की।
उन्होंने कहा कि खन्ना वे दुर्लभ नेता हैं जो निस्वार्थ सेवा में यकीन रखते हैं। खन्ना ने कहा कि उनकी राजनीति अकाली दल से शुरू हुई थी और यह वापसी घर लौटने जैसी है। लोगों को अकाली सरकारों के विकास के सुनहरे दिन याद हैं और वे इन्हें फिर चाहते हैं। पिछले साल बाढ़ में सुखबीर की सेवा से उन्हें प्रेरणा मिली।
इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष धर्मिंदर सिंह दुल्लत, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष हरबंस सिंह गरचा, दीपक अग्रवाल, दलजीत सिंह सेखों, मंजुला शर्मा, गुरमीत सिंह काका, बूटा सिंह, नरिंदर कुमार शैली, नवदीप सिंह निप्पा और हरमेल सिंह का भी स्वागत हुआ। धुरी, सुनाम, दिर्बा व बरनाला के भाजपा-कांग्रेस नेताओं ने भी साथ दिया।
बादल ने जनता से एसएडी को समर्थन देने की अपील की, जो पंजाब की सच्ची आवाज है। उन्होंने आप सरकार की गुंडागर्दी और भगवंत मान पर नशे व अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। यह घटना पंजाब चुनावी समीकरण बदल सकती है।