
गांधीनगर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कांग्रेस के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया कि अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ भारत के व्यापारिक समझौते किसानों के लिए नुकसानदेह साबित होंगे। सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी आधारित पहली सार्वजनिक वितरण प्रणाली का उद्घाटन करने के बाद आयोजित कार्यक्रम में शाह ने स्पष्ट किया कि सभी समझौतों में कृषि, डेयरी और मत्स्य पालन क्षेत्रों को पूर्ण रूप से सुरक्षित रखा गया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर किसानों को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए शाह ने कहा कि संसद में उनकी किसान सुरक्षा की बातें हास्यास्पद हैं। कांग्रेस का देश को गुमराह करने का पुराना इतिहास है और अब वे व्यापार सौदों पर झूठ फैला रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका पर जोर देते हुए शाह ने बताया कि यूरोपीय संघ व अमेरिका के साथ हर बातचीत में किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के हितों की गारंटी दी गई। उन्होंने कृषि बजट के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि मनमोहन सिंह सरकार में यह 26,000 करोड़ था, जबकि मोदी सरकार में 1.29 लाख करोड़ हो गया है।
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद पिछले दशक में 15 गुना बढ़ी है। 70 वर्षों तक कर्ज माफी का जुमला चलाने वाली कांग्रेस के विपरीत आज किसानों के खाते में सीधे 6,000 रुपये भेजे जा रहे हैं। डेयरी क्षेत्र को सुरक्षा देने पर शाह ने राहुल गांधी को सार्वजनिक बहस की चुनौती दी।
हालिया अमेरिका और यूरोपीय संघ के समझौतों के बीच शाह का यह बयान किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।