
झारखंड की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला जब पूर्व मंत्री और झामुमो के प्रमुख नेता दुलाल भुइयां ने रविवार को अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ भाजपा की शरण ले ली। रांची के भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित धूमधाम समारोह ने इस बदलाव को चिह्नित किया।
प्रदेश अध्यक्ष व सांसद आदित्य साहू तथा विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने भुइयां को पार्टी का पटका व माला ओढ़ाकर भव्य स्वागत किया। तीन बार विधायक रह चुके भुइयां ने इसे भुइयां समाज का एकमत फैसला बताया। उन्होंने कहा कि वे जीवन भर भाजपा के साथ रहेंगे, क्योंकि इसने दलित समाज को सम्मान व न्याय प्रदान किया है।
भाजपा द्वारा सौंपी हर जिम्मेदारी का वे पूरे मनोयोग से निर्वाह करेंगे। साहू ने जोर देकर कहा कि भाजपा परिवार नहीं, विचारधारा की पार्टी है जो अंत्योदय व दलित-पिछड़े वर्गों के उत्थान को प्रतिबद्ध है। पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्र गांव, गरीब व किसानों को विकास से जोड़ रहा है।
कांग्रेस पर दलित-आदिवासियों को वोट बैंक बनाने का आरोप लगाते हुए साहू ने राज्य सरकार पर दलितों से भेदभाव व कानून-व्यवस्था बिगड़ने का ठहराया। निकाय चुनावों में भाजपा की भारी जीत का दावा किया। मरांडी ने भुइयां को दलित समाज की आवाज करार दिया, जिससे पार्टी का आधार मजबूत होगा।
झामुमो पर जनहित की अनदेखी का इल्जाम लगाया। समारोह में 200 से अधिक लोगों ने भाजपा सदस्यता ली, जो राज्य में राजनीतिक समीकरण बदलने का संकेत है।