
लंदन। ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय के चहेते बिल्ले पामर्स्टन, जिसे ‘डिप्लोकैट’ के नाम से जाना जाता था, का निधन हो गया है। 12 साल की उम्र में उसने बरमूडा के गवर्नमेंट हाउस में शांतिपूर्वक अंतिम सांस ली। यह दुखद खबर उसके आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर शेयर की गई, जहां उसके 1 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स थे।
बैटर्सी डॉग्स एंड कैट्स होम से रेस्क्यू किया गया यह बिल्ला 13 अप्रैल 2016 को विदेश मंत्रालय का चीफ माउसर बना था। व्हाइटहॉल की गलियों में चार साल तक चूहों से लड़ाई लड़ते हुए उसने सभी का दिल जीत लिया। 2020 में रिटायरमेंट के समय उसकी ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया कि वह महामारी के दौरान ‘घर से काम’ का मजा ले चुका है और अब शोहरत से दूर रहना चाहता है।
फरवरी 2025 में पामर्स्टन बरमूडा पहुंचा, जहां वह गवर्नर के साथ ‘फिलाइन रिलेशंस कंसल्टेंट’ के रूप में काम करने लगा। वहां की टीम का प्यारा सदस्य बनकर उसने अपनी जिंदगी के आखिरी दिन बिताए।
उसके नाम पर 19वीं सदी के ब्रिटिश प्रधानमंत्री लॉर्ड पामर्स्टन के नाम से प्रेरित था। ब्रिटिश राजनीति में बिल्लियों की परंपरा पुरानी है—चर्चिल का नेल्सन हो या हम्फ्री, जो थैचर-मेजर-ब्लेयर के समय चीफ माउसर रहा।
पामर्स्टन ने साबित किया कि चार पैरों वाले भी कूटनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उसके फॉलोअर्स और वायरल पोस्ट्स आज भी यादें ताजा करते हैं। अलविदा पामी, तुम्हारी यादें हमेशा बनी रहेंगी।