
मुंबई के प्रसिद्ध बाबुलनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि का पावन पर्व भव्य रूप से मनाया गया। भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था रखने वाले लाखों श्रद्धालु दूर-दूर से पहुंचे और रातभर दर्शन की राह देखी। यह त्योहार शिव भक्ति का अनमोल प्रतीक है, जहां सच्ची प्रार्थना से जीवन के सारे दुख मिट जाते हैं।
मंदिर प्रशासन ने पहले से ही बेहतरीन प्रबंध किए थे। लंबी-लंबी कतारों में श्रद्धालुओं को व्यवस्थित किया गया, जिसमें बुजुर्गों, महिलाओं और गर्भवती बहनों के लिए विशेष व्यवस्था थी। छाया और पानी की सुविधा ने सभी को राहत दी। पुजारी ने बताया कि पुलिस का सहयोग भी सराहनीय रहा, जिससे कोई अव्यवस्था नहीं हुई।
रात्रि के चारों प्रहर की पूजा का महत्व अपरिमित है। आधी रात से सुबह चार बजे तक रुद्राभिषेक और मंत्रोच्चार से वातावरण भक्तिमय हो उठा। मान्यता है कि इस रात महादेव स्वयं भक्तों की पुकार सुनते हैं।
हर वर्ष करोड़ों भक्त यहां मनोकामनाएं लेकर आते हैं। एक वृद्ध भक्त ने कहा कि नियमित दर्शन से उनकी सेहत और परिवार की सुख-समृद्धि बनी हुई है। एक अन्य ने जीवन के संकटों से मुक्ति की कहानी साझा की, जब मित्र के कहने पर वे यहां आए और सब कुछ बदल गया। 2010 से आ रहे एक श्रद्धालु को यहां शांति और शक्ति मिलती है। एक महिला ने प्रातःकालीन दर्शन से मिले आनंद का वर्णन किया।
बाबुलनाथ मंदिर महाशिवरात्रि पर श्रद्धा का संगम बन जाता है, जहां भोले बाबा हर मनोकामना पूरी करते हैं। यह पर्व आस्था की विजय का संदेश देता है।