
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के मोहभट्टा गांव में एक किसान की सफलता ने सबको प्रेरित कर दिया है। नाबार्ड समर्थित सौर सुजला योजना के तहत लगे सोलर सिंचाई पंप ने चिंताराम नायक की सात एकड़ जमीन पर चमत्कार कर दिखाया। पहले पानी की किल्लत से परेशान यह किसान अब आधुनिक खेती से दोगुनी कमाई कर रहा है।
चिंताराम रबी में धान, खरीफ में मक्का, सरसों, मूंग-उड़द उगाते हैं। गर्मी में गेहूं, चना, मक्का की फसलें लेते हैं। फसल चक्र से मिट्टी स्वस्थ रहती है, पानी की बचत होती है और पैदावार बढ़ती है। जैविक विधियों से फसल की गुणवत्ता भी श्रेष्ठ हो गई है।
उन्होंने बताया कि सोलर पंप से सिंचाई आसान हो गई। पहले अनियमित पानी से नुकसान होता था, अब साल भर खेती संभव है। उनकी उपज की मांग अन्य जिलों में बढ़ी है, बेहतर दाम मिल रहे हैं। आय दोगुनी होने से जीवन स्तर ऊंचा हुआ है।
यह मॉडल गांव के अन्य किसानों के लिए मिसाल बन गया। सौर ऊर्जा और वैज्ञानिक खेती का यह संयोजन जल संरक्षण, अधिक उत्पादन और किसान कल्याण की दिशा में बड़ा कदम है। सरकार की योजनाएं ग्रामीण भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं।