
बेंगलुरु के आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में इस बार भी महाशिवरात्रि का भव्य उत्सव आयोजित होगा। भारतीय सिनेमा के सितारे और 180 देशों से आए भक्त एक साथ रुद्र होम में शामिल होंगे, जो आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर होगा।
संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने महाशिवरात्रि के गहन महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, ‘साल में 12 शिवरात्रियां आती हैं, किंतु माघ की शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है। इस दिन सांसारिक मोह त्यागकर शिवतत्व में लीन हो जाएं। शिव पूजा और हृदय से जाप करें, जीवन मुक्ति मिलेगी। भगवान शिव सरल हृदय के दाता हैं, वे निश्छल प्रार्थना पर सहज प्रसन्न होते हैं।’
उनका कथन गूंजता है- ‘सब कुछ शिव है, बाकी सब शव।’ यह ब्रह्मांडीय सत्य है।
आज के तनावपूर्ण युग में ध्यान को उन्होंने अंतरात्मा के शिव से मिलन का माध्यम बताया। ‘नित्य आध्यात्मिक साधना से चिंताएं शिव को अर्पित करें। कीर्तन, मंत्र जाप या श्रवण से मन शांत होता है।’
कार्यक्रम में सोमनाथ मंदिर के 12 अवशेषों से रुद्राभिषेक होगा, जिसके लिए दूर-दूर से श्रद्धालु उमड़ पड़े हैं। यह महाशिवरात्रि आंतरिक शुद्धि का प्रतीक बनेगी।