
जर्मनी के म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में एक छोटी सी घटना ने पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर को सुर्खियों में ला दिया। उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ पहुंचे मुनीर को प्रवेश द्वार पर सुरक्षा अधिकारी ने रोक लिया और आईडी कार्ड को साफ दिखाने के लिए कहा।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में अधिकारी अपने बैज पर थपथपाते हुए मुनीर के गले में लटके कार्ड की ओर इशारा कर कहते नजर आ रहे हैं, ‘इसे घुमा सकते हैं क्या?’ यह बातचीत कॉन्फ्रेंस स्थल से महज कुछ कदम पहले हुई, जो अब मीम्स और मजाक का विषय बनी हुई है।
लोगों ने इस वीडियो को खूब शेयर किया है। कईयों ने इसे मुनीर की अकड़ को तोड़ने वाला बताया, तो कुछ ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख की छवि पर तंज कसे। इस घटना ने न केवल हंसी उड़ाई, बल्कि गंभीर बहस भी छेड़ दी।
इधर, जेय सिंध मुत्तहिदा महाज के चेयरमैन शफी बुरफट ने मुनीर को इस वैश्विक मंच पर बुलाने की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे पाकिस्तान में दबाए जा रहे समुदायों का अपमान करार दिया। बुरफट के अनुसार, मुनीर ने देश की राजनीति, न्यायपालिका, व्यापार और मीडिया पर सैन्य नियंत्रण थोप दिया है।
एक्स पर पोस्ट में बुरफट ने लिखा कि मुनीर सिंधियों, बलूचों और पश्तूनों पर अत्याचार, जबरन गायब करने, यातनाएं देने और बिना मुकदमे हत्या करने में लिप्त हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे आयोजनों में उनकी मौजूदगी पीड़ितों के घावों पर नमक छिड़कने जैसी है।
म्यूनिख की यह घटना पाकिस्तान के आंतरिक मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय पटल पर ला खड़ी हुई। जहां दुनिया सुरक्षा पर चर्चा कर रही है, वहां मुनीर का यह आईडी प्रसंग उनकी सत्ता की सीमाओं को उजागर करता नजर आ रहा है।