
आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में भोजन का समय और तरीका बिगड़ गया है। संतुलित खाना खाने के बावजूद थकान, सुस्ती और पेट भारी रहने की समस्या आम है। इसका मूल कारण है कमज़ोर पाचन शक्ति।
अगर भोजन सही न पचे तो पोषक तत्व शरीर तक नहीं पहुंचते। पेट में सड़न शुरू हो जाती है, जिससे ऊर्जा की कमी हो जाती है। सिर्फ अच्छा खाना ही नहीं, उसका पाचन भी ज़रूरी है।
पाचन खराब होने पर गैस, अपच और कब्ज जैसी परेशानियां बढ़ती हैं। ये न सिर्फ शरीर को असहज करती हैं बल्कि दिमाग पर भी असर डालती हैं। आयुर्वेद में इनके लिए बिना दवा के उपाय हैं।
खीरे का सलाद सबसे कारगर है। इसमें पानी, रेशे, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर हैं, जो आंतें साफ करते हैं और कब्ज भगाते हैं। खीरे का रस शरीर को नमी देता है, मल त्याग आसान बनाता है।
दोपहर के खाने में एक कटोरी लें। नींबू निचोड़ें, काला नमक छिड़कें। हफ्ते में चार बार अपनाएं। कम नमक डालें, फ्रिज का खीरा कमरे के तापमान पर खाएं।
खीरा पाचन के साथ त्वचा को भी चमकदार बनाता है। गर्मी में ड्राई स्किन दूर करता है, थकान मिटाता है और चेहरे को प्राकृतिक रंगत देता है। रोज़मर्रा में इसे शामिल करें।