
मुंबई के शेयर बाजार में पिछले शुक्रवार को जबरदस्त गिरावट के बाद अब सभी की निगाहें अगले हफ्ते के महत्वपूर्ण घटनाक्रमों पर टिकी हैं। बीएसई सेंसेक्स 1,048 अंकों यानी 1.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,626.76 पर और एनएसई निफ्टी 336 अंकों यानी 1.30 प्रतिशत लुढ़ककर 25,471.10 पर बंद हुआ। वैश्विक कमजोरी और एआई के आर्थिक प्रभाव की आशंकाओं ने बाजार को दबाव में डाल दिया।
18 फरवरी को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति बैठक के मिनट्स जारी होंगे, जो ब्याज दरों की दिशा तय कर सकते हैं। अमेरिकी जीडीपी आंकड़े भी सुर्खियों में रहेंगे। भारत में 20 फरवरी को आरबीआई की मौद्रिक नीति के मिनट्स आएंगे, जो तरलता और ब्याज दरों पर रोशनी डालेंगे।
आईटी क्षेत्र पर विशेष ध्यान रहेगा, जहां निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 8 प्रतिशत लुढ़का। टीसीएस, इंफोसिस और विप्रो जैसे दिग्गजों पर भारी दबाव पड़ा। जेनरेटिव एआई पारंपरिक आउटसोर्सिंग को प्रभावित कर सकती है, जिससे कंपनियों की कमाई पर असर पड़ सकता है।
चॉइस ब्रोकिंग के मुताबिक, निफ्टी के लिए 25,700 रेजिस्टेंस और 25,300 सपोर्ट है। इन स्तरों का ब्रेक बाजार की दिशा निर्धारित करेगा। निवेशकों को सख्त स्टॉप लॉस के साथ सीमित रेंज में ट्रेडिंग की सलाह दी जा रही है।
सोना-चांदी की कीमतें स्थिर हो रही हैं। फरवरी में एफआईआई ज्यादातर दिनों शुद्ध खरीदार रहे, भारत-अमेरिका व्यापार सौदे से भरोसा बढ़ा है। ये कारक बाजार को नई दिशा देंगे।