
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण जर्मनी दौरे पर हैं, जहां उन्होंने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में भाग लिया और कई उच्च स्तरीय चर्चाओं में अपनी बात रखी। इस दौरे के दौरान उन्होंने बवेरिया के यूरोपीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामलों के मंत्री एरिक बेइसवेंगर से मुलाकात की।
वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी दी कि जनवरी 2026 में जर्मन चांसलर की भारत यात्रा से पहले दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया। भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर चर्चा हुई तथा हरित और सतत साझेदारी के जरिए जलवायु वित्तपोषण के नए अवसर तलाशे गए। साथ ही, दोनों देशों के पुनर्चक्रण उद्योगों में सर्वश्रेष्ठ प्रक्रियाओं का आदान-प्रदान करने पर विचार हुआ।
इसके अलावा, मंत्री सीतारमण ने BMW एजी के प्रबंधन बोर्ड अध्यक्ष ओलिवर जिप्से से भी भेंट की। इस चर्चा में भारत की हालिया आर्थिक सुधारों, नीतिगत निरंतरता और स्थिरता पर विस्तार से बात हुई।
वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 विजन को रेखांकित किया, जो जीएसटी, सीमा शुल्क सुधार, विनिर्माण प्रोत्साहन और सनराइज व ऑटो सेक्टरों में पीएलआई योजनाओं से समर्थित है। ऊर्जा दक्षता, इलेक्ट्रिक वाहन तथा बैटरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष बल दिया गया।
ये बैठकें भारत-जर्मनी संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकेत देती हैं, खासकर निवेश और तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में। वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत को इन चर्चाओं ने और मजबूती प्रदान की है।